1. जीएसटी रिटर्न क्या है और टैली प्राइम क्यों जरूरी?
जीएसटी रजिस्ट्रेशन वाले हर व्यापार को नियमित रूप से अपनी बिक्री, खरीद, जमा किया गया टैक्स और इनपुट टैक्स क्रेडिट का रिटर्न भरना कानूनी ज़िम्मेदारी है। हाथ से या साधारण स्प्रेडशीट से यह काम करने में गलतियाँ होती हैं जो नोटिस का कारण बन सकती हैं।
टैली प्राइम में रोज़ की सेल्स-पर्चेज़ एंट्री करते ही सारे ट्रांज़ैक्शन अपने आप जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-3बी के सरकारी फॉर्मेट में तैयार होने लगते हैं।
2. मुख्य जीएसटी रिटर्न एक नज़र में
| रिटर्न | क्या है | कब भरें |
|---|---|---|
| जीएसटीआर-1 | बिक्री का ब्योरा (बी2बी, बी2सी, निर्यात, क्रेडिट/डेबिट नोट) | हर माह की 11 तारीख तक (तिमाही योजना में त्रैमासिक) |
| जीएसटीआर-2बी | उपलब्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट का ऑटो-स्टेटमेंट | हर माह की 14 तारीख को जारी होता है (मिलान के लिए) |
| जीएसटीआर-3बी | कुल टैक्स देयता और क्रेडिट का सारांश रिटर्न | अगले माह की 20 तारीख तक |
| जीएसटीआर-9 | सालाना समेकित रिटर्न | वित्त वर्ष के बाद 31 दिसंबर तक |
3. टैली प्राइम में जीएसटी सेटअप (स्टेप-बाय-स्टेप)
स्टेप 1: जीएसटी फीचर ऑन करें (F11)
टैली खोलकर F11: Features दबाएँ और "Enable Goods and Services Tax (GST)" को Yes करें। फिर भरें: राज्य (जैसे राजस्थान), रजिस्ट्रेशन टाइप (रिव्युलर या कंपोजिशन), 15 अंकों का जीएसटीआईएन, और जीएसटीआर-1 मासिक या त्रैमासिक।
स्टेप 2: जीएसटी टैक्स लेजर बनाएँ
Create > Ledger में जाकर सीजीएसटी, एसजीएसटी और आईजीएसटी के अलग-अलग लेजर बनाएँ — हर लेजर में सही टैक्स रेट और जीएसटी विवरण भरें।
स्टेप 3: रोज़ की एंट्री सही टैक्स लेजर के साथ करें
सेल्स और पर्चेज़ की हर एंट्री में सही जीएसटी लेजर, एचएसएन/एसएसी कोड और पार्टी का जीएसटीआईएन रखें — रिटर्न अपने आप बनता जाएगा।
4. ट्रायंगुलेशन रिपोर्ट और जीएसटीआर-1 एक्सपोर्ट
- Display > GST Reports में जाकर Triangulation Report खोलें — सारे ट्रांज़ैक्शन की जाँच करें।
- रिपोर्ट में दिखी गलतियाँ (गलत जीएसटीआईएन, छूटा कोड) सुधारें।
- GSTR-1 रिपोर्ट खोलकर Export करें — यह जीएसटी पोर्टल के फॉर्मेट में जेसन/एक्सेल फाइल बना देता है।
5. जीएसटी पोर्टल पर फाइलिंग
- gst.gov.in पर लॉगिन करें और रिटर्न सेक्शन खोलें।
- टैली से एक्सपोर्ट की गई फाइल अपलोड करें।
- डेटा वेरिफाई करके ईवीसी (ओटीपी) या डिजिटल सिग्नेचर से फाइल कर दें।
- फाइलिंग की रसीद (एआरएन) जरूर डाउनलोड करके रखें।
6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- रिटर्न लेट भरने पर क्या होगा? लेट फीस और 18% सालाना ब्याज लगता है — समय पर भरना सबसे सस्ता है।
- कंपोजिशन वाले कौन सा रिटर्न भरते हैं? सीएमपी-08 (त्रैमासिक) और जीएसटीआर-4 (सालाना)।
- क्या टैली के बिना रिटर्न भर सकते हैं? हाँ, पोर्टल पर मैनुअल भी भर सकते हैं — पर एंट्री ज़्यादा होने पर टैली बहुत समय और गलतियाँ बचाता है।
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