1. जीएसटी क्या है और कैसे काम करता है?
जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) भारत का ऐतिहासिक कर सुधार है — "एक राष्ट्र, एक कर" के सिद्धांत पर। इसने वैट, सर्विस टैक्स, एक्साइज़, चुंगी जैसे कई पुराने करों को मिटाकर एक ही डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था में बदल दिया।
जो भी व्यापारी या कंपनी तय सीमा से ऊपर कारोबार करती है, उसे जीएसटी रजिस्ट्रेशन लेकर नियमित रिटर्न भरना होता है।
2. जीएसटी के 4 प्रकार
- सीजीएसटी (केंद्रीय): राज्य के अंदर की बिक्री पर केंद्र सरकार का हिस्सा।
- एसजीएसटी (राज्यीय): राज्य के अंदर की बिक्री पर राज्य सरकार का हिस्सा।
- आईजीएसटी (एकीकृत): एक राज्य से दूसरे राज्य की बिक्री पर।
- यूटीजीएसटी: केंद्र शासित प्रदेशों के अंदर की बिक्री पर।
3. प्रोफेशनल जीएसटी कोर्स का मुख्य सिलेबस
- जीएसटी रजिस्ट्रेशन: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज़ और टर्नओवर सीमा (वस्तुओं के लिए ₹40 लाख, सेवाओं के लिए ₹20 लाख)।
- इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी): खरीद पर दिया टैक्स वापस पाने के नियम।
- इनवॉइसिंग के नियम: इनवॉइस के जरूरी फील्ड, एचएसएन/एसएसी कोड और रिवर्स चार्ज।
- ई-वे बिल: ₹50,000 से ऊपर के माल भेजने पर ई-वे बिल बनाने के नियम।
- रिटर्न फाइलिंग की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग: जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-3बी और सालाना जीएसटीआर-9 लाइव अभ्यास।
किसके लिए है? कॉमर्स के विद्यार्थी, दुकानदार जो अपना जीएसटी खुद भरना चाहते हैं, और वे नौजवान जो सीए ऑफिस या कंपनी में जीएसटी अकाउंटेंट बनना चाहते हैं। टैली प्राइम के साथ जीएसटी सीखें तो नौकरी के मौके सबसे ज्यादा मिलते हैं।
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